मंदी के दौर से उभरने के लिए देहरादून के उद्योगपतियों ने केंद्र के आम बजट 2020-21 से काफी उम्मीदें लगा रखी है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के लिए बुनियादी ढांचागत विकास, छूट के लिए आयकर की सीमा बढ़ाने और विशेष औद्योगिक पैकेज के माध्यम से छोटे उद्योगों को राहत दिलाने की आस है। उद्यमियों का कहना है कि एमएसएमई उद्योगों के लिए सस्ती ब्याज दरों को ऋण की सुविधा और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार को बजट में फोकस करना चाहिए।
आम बजट में इंडस्ट्रियल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन देने की जरूरत है। आज उद्योगों की हालत अच्छी नहीं है। इसके लिए टैक्स स्लैब को बढ़ाया जाना चाहिए। बजट से उम्मीद है कि सरकार इंडस्ट्री के लिए राहत लेकर आएगी। हमारी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से ग्रामीण और कृषि पर निर्भर है। इससे दोनों की सेक्टरों में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
Union Budget 2020: उद्योगों को आमबजट से आस, मंदी से उभरने को होगा खास
वर्तमान में इंडस्ट्रीज सेक्टर मंदी के दौर से गुजर रहा है। उपभोक्ता की खरीद क्षमता कम हुई है। पैसा न होने से बाजार मंदा पड़ा है। इन चुनौतियों का सामना उद्योग कर रहे हैं। आम बजट में एमएसएमई उद्योगों को आयकर में विशेष छूट मिलनी चाहिए और जो पैसा बाजार गायब है, उसे वापस लाने की जरूरत है। साथ ही ऐसे प्रोजेक्टों की व्यवस्था करनी होगी, जिससे उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत हो सके।